
दौसा के डॉ. अंजीव अंजुम को ब्रज ग़ज़ल के लिए सम्मान
नाथद्वारा स्थित साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा के तत्वावधान में आयोजित पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह के द्वितीय दिवस साहित्य, भाषा और सांस्कृतिक समरसता का सशक्त संगम देखने को मिला। इस अवसर पर देशभर से पधारे साहित्यकारों और विद्वानों की उपस्थिति ने समारोह को गरिमामय बना दिया।
समारोह में साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. संतोष यादव (जयपुर) ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य मंडल द्वारा हिंदी एवं ब्रजभाषा के संरक्षण और संवर्धन हेतु किया जा रहा कार्य अनूठा, प्रेरणादायी और प्रशंसनीय है। उन्होंने साहित्य मंडल के प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश देवपुरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे निरंतर नए साहित्यकारों और अहिंदी भाषी क्षेत्रों के रचनाकारों को मंच प्रदान कर रहे है

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रवि पुरोहित (पूर्व संपादक ‘जागती जोत’) रहे। वहीं वृंदावन से पधारे साहित्यकार श्री सत्यप्रकाश शर्मा एवं तमिलनाडु से आए प्रसिद्ध साहित्यसेवी व शिक्षाशास्त्री श्री संजय रामन ने भी ब्रजभाषा के लिए साहित्य मंडल की भूमिका की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर आयोजित समस्या-पूर्ति कार्यक्रम में श्री हरिओम हरि, श्री सुरेश कुमार शर्मा, श्री सत्यप्रकाश शर्मा, श्री नरेंद्र निर्मल, श्री सुरेंद्र सार्थक तथा दौसा के डॉ. अंजीव अंजुम ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
ब्रज साहित्य की नवीन विधा ब्रजभाषा ग़ज़ल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री हरिओम हरि, श्री नरेंद्र निर्मल, श्री सुरेंद्र सार्थक और दौसा के डॉ. अंजीव अंजुम को ‘ब्रजग़ज़लश्री’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री हरिओम हरि द्वारा सरस्वती वंदना, डॉ. अंजीव अंजुम द्वारा श्रीनाथ वंदना तथा माद्री सिंह द्वारा स्वस्तिवाचन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया। इस अवसर पर साहित्यांचल पत्रिका के संपादक श्री सत्यनारायण पारीक, शबनम दीप ज्योति के संपादक अब्दुल समद राही सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।


