
श्रीडूंगरगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में समाज की सहभागिता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय में रविवार को छह नवीन कक्षा-कक्षों एवं अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला का लोकार्पण समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

नौ भामाशाहों के आर्थिक सहयोग से लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इन शैक्षणिक संसाधनों का लोकार्पण अतिथियों ने विधिवत किया। इसके उपरांत महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने अतिथियों के साथ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

समारोह में मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर आधारित होता है। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “सुक्षेत्रे वापयेद्बीजं सुपात्रे निक्षिपेत् धनम्…” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया दान सदैव समाज और राष्ट्र के निर्माण में सार्थक सिद्ध होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह महाविद्यालय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।मुख्य वक्ता एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल, अनुसंधान और नवाचार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने उच्च शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए समाज के भामाशाहों के योगदान को शिक्षा के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. उमाकांत गुप्त ने बदलते समय में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सोमानी ने महाविद्यालय के विकास कार्यों में आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं आने देने का भरोसा दिलाया। भामाशाह देवीप्रसाद मूंधड़ा ने कहा कि समाज के हित में लगाया गया धन सदैव स्थायी विकास का माध्यम बनता है।
प्रबंध समिति सचिव श्याम महर्षि ने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसी सत्र में संस्थान के 15 विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय स्तर पर स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है, जिन्हें समारोह में प्रशस्ति-पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक परिचायिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों एवं भामाशाहों के योगदान का विस्तृत उल्लेख है।
समारोह में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अंत में प्रबंध समिति अध्यक्ष हरिशंकर बाहेती ने सभी अतिथियों, भामाशाहों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उपसचिव रामचंद्र राठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मंच संचालन रवि पुरोहित एवं भगवती पारीक ने संयुक्त रूप से किया। प्राचार्य डॉ. विनोद सुथार ने महाविद्यालय की वार्षिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में अनेक भामाशाह, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, महाविद्यालय का समस्त स्टाफ तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


