
बाल साहित्य रचना शिविर रो शुभारंभ, बालकां नै सिखाई कहानी, कविता अर चित्रकथा लेखण री बारीकियां।
अनुराग सेवा संस्थान री ओर सूं अनूराग 31 अंतर्गत आयोजित बाल साहित्य रचना शिविर रो शुभारंभ आज गुप्तेश्वर रोड स्थित महात्मा गांधी विद्यालय मां घणां उत्साह भरे माहौल म्हं करायो गयो।कार्यक्रम रो उद्घाटन पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, जयपुर रा संस्थापक सदस्य डॉ. अंजीव अंजुम अर प्राध्यापक गरिमा शर्मा नै दीप प्रज्वलित कर कर्यो।आ अवसर पर राखेला सत्र मां बालकां नै रचनात्मक लेखण री कई विधावां सूं परिचित करवायो गयो।

मुख्य वक्ता डॉ. अंजीव अंजुम नै बालकां नै कहानी लेखण, कविता लेखण, आलेखन अर बाल चित्रकथा लेखण री बारीकियां सरल अर रोचक ढंग सूं समझाई। उनां कह्यो कि बाल साहित्य सिरफ मन बहलावण रो साधन नीं, पण बालकां री कल्पनाशक्ति, संवेदनशीलता अर अभिव्यक्ति क्षमता नै विकसित करणा रो असरदार माध्यम है।
प्राध्यापक गरिमा शर्मा नै बालकां नै बाल साहित्य रचना शिविर री जाणकारी दी। उनां लेखण करतां बखत कल्पना, सरल भाषा, भावां री साफगोई अर विषय री मौलिकता पर खास ध्यान देण री प्रेरणा दी। साथै, आज रा समय मां वीडियो माध्यमां री उपयोगिता पर रोशनी डालता बतायो कि साहित्य अर दृश्य माध्यमां रो मेल बालकां री सीखण अर समझण री ताकत नै घणी असरदार बना सके है।

कार्यक्रम मां मौजूद विद्यार्थ्यां नै घणा उत्साह सूं भाग लियो, कहानी, कविता अर चित्रकथा लेखण सूं जुड़ेला सवाल पूछ्या अर अपणी रचनात्मक रुचियां साझा करी।आ अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजीव रावत, अनुदेशक नरेश शर्मा, विष्णु शर्मा, दिनेश कुमार महावर, शिखा, ओजस क्लासेस दौसा रा उत्कर्ष नारायण अर मोटी संख्या मां विद्यार्थी मौजूद रहा।
कार्यक्रम रा आखिर मां आयोजक बृज मोहन कानपुरा नै कह्यो कि ऐसां साहित्यिक शिविर बालकां री रचनात्मक प्रतिभा नै मंच देवण रै संग-संग उनमां साहित्य प्रति रुचि जगावण मां घणी महत्वपूर्ण भूमिका निभावै है।


